किशमिश के बारे में 10 जानकारी जो आपको नहीं पता

किशमिश में विटामिन ए, बी कंपलेक्स और सेलीनियम पाए जाते हैं जो कमजोर लिवर तथा  गुप्त रोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को दूर करता है।

किशमिश की उत्पत्ति लेटिन भाषा के रेसमस से हुई है यह सूखे हुए अंगूर से बनती है जिनमें दो-तीन बीज होते हैं जिसे हिंदी में मुनक्का कहा जाता है।

एनसीबीआई की एक रिसर्च में यह बताया गया है कि किशमिश बैंड कोलेस्ट्रॉल को कम करके अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है जिसके कारण  दिल के दौरे जैसी समस्या दूर होती।

यदि किसी भी  पुरुष या महिलाओं को यौन संबंधी कोई प्रॉब्लम होती है तो किशमिश का सेवन करना चाहिए क्योंकि इसमें बेरोन तत्व पाया जाता है जिससे यह इस प्रकार की प्रॉब्लम दूर करने में मदद करता है।

आपको बतादे की किसमिस के अंदर एंटीऑक्सीडेंट फाइटोकेमिकल्स एसिड पाया जाता है यह दांतो में होने वाले कैविटीज को रोकता है। जिसके कारण दांतो में होने  वाली समस्या दूर हो जाती है।

यह  डायबिटीज हाई ब्लड प्रेशर तथा बुखार आदि में फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं।

किशमिश एक ड्राई फ्रूट है जिसका उपयोग कहीं व्यंजनों में क्या जाता है तथा इसका सेवन करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है तथा अनेक रोग दूर हो जाते हैं।

किशमिश  स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है किंतु जिन गर्भवती महिलाओं को पहले से डायबिटीज बल्ड शुगर जैसे समस्या होती है उन्हें इनका सेवन नहीं करना चाहिए।

किशमिश को पानी में भिगोकर ही  खाना चाहिए ऐसा करने से किशमिश में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और न्यूट्रेडज की मात्रा बढ़ जाती है।

किशमिश खाने से खून की कमी नहीं होती तथा पाचन क्रिया के लिए किशमिश  अत्यधिक लाभदायक होती है।